मौलिक अधिकार नोट्स | Fundamental Rights Notes in Hindi PDF

दोस्तों,

         यदि आप UPSSSC PET 2022 , SSC CGL , SSC CHSL , SSC MTS , UPP Constable , SSC  GD या किसी भी One Day Exams की तैयारी कर रहे हैं, तो Indian Constitution या Polity का सबसे उपयोगी Topic मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) का यह Notes जरूर पढ़ें ताकि परीक्षा में 1 से 2 प्रश्न अंक जो Fundamental Rights से सम्बंधित Articles से पूछे जाते हैं वह आपसे छूट न पाए।

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मौलिक अधिकार | About Fundamental Rights in Hindi

वे अधिकार हैं जो देश के नागरिकों को अपने आप  प्राप्त हो जाता है और राज्य के द्वारा बनाये जाने वाले कठोर नियमों के खिलाफ नागरिकों की आजादी की सुरक्षा करते हैं।

मौलिक अधिकार का उद्देश्य – क़ानून का सरकर बनाना

मौलिक अधिकार से सम्बंधित तथ्य | Facts related to fundamental rights in hindi

  •  अधिकार अमेरिका के संविधान से लिया गया है।
  • इसका वर्णन संविधान के भाग 3 और अनुच्छेद 12-35 तक में है।
  • भारतीय संविधान के भाग 3 को भारत का अधिकार पत्र (Magnakarta) कहा जाता है।
  • मूल संविधान में 7 तरह के मौलिक अधिकार थे।
  • 44 वें संविधान संशोधन 1978 के द्वारा संपत्ति का अधिकार (जो कि पहले मूल अधिकार था) को मूल अधिकार से हटाकर कानूनी अधिकार बना दिया गया।
  • वर्तमान में संविधान में कुल छः मौलिक अधिकार हैं।

 मौलिक अधिकारों का वर्गीकरण 

  1. समता या समानता का अधिकार – अनुच्छेद 14 से 18
  2. स्वतंत्रता का अधिकार – अनुच्छेद 19 से 22
  3. शोषण के विरुद्ध अधिकार – अनुच्छेद 23 से 24
  4. धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार – अनुच्छेद – अनुच्छेद 25 से 28
  5. संस्कृति और शिक्षा सम्बन्धी अधिकार – अनुच्छेद 29 से 30
  6. संवैधानिक उपचारों का अधिकार – अनुच्छेद 32

समता या समानता का अधिकार – अनुच्छेद 14 से 18 

स्वतंत्रता का अधिकार अनुच्छेद 19 से 22 

अनुच्छेद 19 – इसमें नागरिकों को छः तरह की स्वतंत्रता दी गई है –

  • अनुच्छेद 19 (a) – बोलने की स्वतंत्रता
  • इसमें Press की स्वतंत्रता का भी वर्णन किया गया है। इसी अनुच्छेद में मिले अधिकारों के तहत ही Aaj Tak , Zee News , NDTV India , Republic TV आदि Media वाले News दिखाते हैं।
  • अनुच्छेद 19 (b) – बिना हथियारों के शांतिपूर्वक सभा में सम्मिलित होने का अधिकार
  • अनुच्छेद 19 (c) – कोई भी संघ बनाने  स्वतंत्रता
  • अनुच्छेद 19 (d) – देश के किसी  भी हिस्से में आवागमन की स्वतंत्रता
  • अनुच्छेद 19 (e) – देश के किसी भी हिस्से में निवास करने या बसने की स्वतंत्रता
  • अनुच्छेद 19 (g) – व्यापार करके जीविका चलाने की स्वतंत्रता
  • अनुच्छेद 20 – अपराधों के लिए दोष सिद्धि के सम्बन्ध में संरक्षण
  • अनुच्छेद 21 – प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता
  • अनुच्छेद 21 (क) – 86 वें संविधान संशोधन 2002 के द्वारा 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा
  • अनुच्छेद 22 – कुछ दशाओं में गिरफ्तारी और निरोध में संरक्षण

 शोषण एक विरुद्ध अधिकार अनुच्छेद 23 से 24 

  • अनुच्छेद 23 – इसके तहत किसी भी व्यक्ति से बेगारी,दुर्व्यवहार और बलात्श्रम का प्रतिषेध किया गया है।
  • अनुच्छेद 24 – 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति जोखिम भरे कार्यों में नियुक्ति नहीं किया जा सकता है।

धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार अनुच्छेद 25 से 28 

  • अनुच्छेद 25 – कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म को मान सकता है या अपना सकता है।
  • अनुच्छेद 26 – व्यक्ति जिस धर्म को मानता है उसके अनुसार कोई भी धार्मिक कार्य कर सकता है।
  • अनुच्छेद 27 – जब कोई व्यक्ति अपना आय किसी धर्म के विकास में व्यय कर रहा हो , तो ऐसे  व्यक्ति को के देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है।
  • अनुच्छेद 28 – राज्य द्वारा संचालित किसी भी शैक्षिक संस्था में कोई भी धार्मिक शिक्षा नहीं दी जायेगी।
  • संस्कृति एवं शिक्षा सम्बन्धी अधिकार अनुच्छेद 29 से 30
  • अनुच्छेद 29 – अल्पसंख्यक अपनी भाषा , लिपि, संस्कृति के आधार पर यदि किसी शैक्षिक संस्था  प्रवेश लेता है, तो उसे प्रवेश लेने से नहीं रोका जाएगा।
  • अनुच्छेद 30 – कोई भी अल्पसंख्यक अपनी पसंद का कोई भी शैक्षिक संस्था चला सकता है।

संवैधानिक उपचारों का अधिकार अनुच्छेद 32 

डॉक्टर भीम रॉव अम्बेडकर ने अनुच्छेद 32 को संविधान को संविधान की आत्मा एवं ह्रदय कहा है। इस अनुच्छेद के तहत यदि किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का हनन होता है, तो वह सीधे सर्वोच्च न्यायालय की शरण ले सकता है।  और सर्वोच्च न्यायालय व्यक्ति के शिकायतों के निपटारा के लिए पांच प्रकार का रीट जारी करता है।

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